Monday, 4 November 2013

मासिक राशिफल माह नवम्बर 2013 एवं मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहार



मासिक राशिफल माह नवम्बर 2013 एवं मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहार:

पं. उमेश  चन्द्र  पंत,   पवित्र ज्योतिष केंद्रवेबसाइट: www.pavitrajyotish.com
 र्इ मेल : pavitrajyotish@gmail.com,  फोन: +91-9582192381, +91-11-26496501


नवम्बर मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहार:

1 नवम्बर : प्रदोष व्रत, मास शिवरात्री व्रत, धन तेरस, धनवन्तरी जयंती 2 नवम्बर : नरक चतुर्दशी,  हनुमान जयंती (छोटी दीपावली),  3 नवम्बर : दीपावली, अमावस्या,  4 नवम्बर : अन्नकूट, गोवर्धन पूजा,  5 नवम्बर : यम द्वितिया, भैया दूज, चित्रगुप्त पूजा,  6 नवम्बर : गणेश चतुर्थी,  8 नवम्बर : सूर्य षष्ठी, छठ पूजा,   11 नवम्बर :  अक्षय नवमी,  13 नवम्बर : हरि प्रबोधिनी एकादशी व्रत, तुलसी विवाह चातुर्मास नियमादि पूर्ण,  16 नवम्बर : सौर मार्गशीर्ष प्रारम्भ, बाल दिवस  17 नवम्बर : पूर्णिमा, देव दीपावली, श्री सत्यनारायण व्रत,   20 नवम्बर : सौभाग्य सुन्दरी तीज,  21 नवम्बर : गणेश चतुर्थी,  25 नवंबर : काल भैरव अष्टमी, श्री भैरव पूजन 29 नवम्बर : एकादशी व्रत,  30 नवम्बर : शनि प्रदोष व्रत।

मासिक राशिफल माह नवम्बर 2013:

मेष (Aries) चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ ।
इस मास संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। किसी पुरानी संपत्ति की प्राप्ति होगी। आय-व्यय का संतुलन बिगड़ेगा। घटनाक्रम में परिवर्तन होगा एवं उत्तरार्द्ध में लाभ की मात्रा बढ़ जायेगी। साझेदारी कार्यों में हानि की सम्भावना रहेगी। अवसर प्राप्ति होते रहेगी। प्रथमार्ध में जहाँ मानसिक उलझन रहेगी, वही उत्तरार्द्ध में शांति होगी। किसी बड़े स्तर से आपको मदद मिलेगी। संधि वात, शीत प्रकृति के रोग एवम वायु विकार परेशान करेंगे। नवम्बर माह की 7, 8 19, 26 एवं 27 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवं ''ऊँ गं गणपतये नम: का नित्य 1 माला जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

वृषभ (Taurus) , , , , बा, बी, बे, बो ।
इस माह आप नवीन ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे, किंतु कठिन परिश्रम के उपरांत भी लाभ की मात्रा कम ही होगी। अनावश्यक व्यय होगा। मित्र वर्ग से सहायता मिलेगी। पद प्रतिष्ठा का लाभ होगा। मास पर्यत्न विशेष कार्ययोजना पर अत्यधिक श्रम करेंगे। व्यावसायिक मामलों में सफलता मिलेगी। शत्रु पक्ष से सावधान रहना चाहिए। पिता के स्वास्थ्य के कारण चिंतित होंगे। सामान्यत: स्वास्थ्य ठीक रहेगा। बदन दर्द अथवा शीत प्रकृति के रोगों से सावधान रहें। नवम्बर मास की 4, 5, 14 एवम 23 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: आप सावधान रहना चाहिए। आप शिव की अराधना करें एवम  ''ऊँ नम: शिवाय का नित्य 1 माला जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

मिथुन (Gemini) , की, कू, , , , के, को, हा ।
इस माह नवीन व्यापारिक कार्यो से लाभ होगा। आय की अपेक्षा व्यय की अधिकता रहेगी। राजकीय कार्यो में बाधाऐ आयेंगी। फिजूल खर्ची से बचना चाहिए। यदि अविवाहित है तो विवाह के प्रस्ताव आयेंगे। संतान पक्ष से लाभ होगा। नवीन भवन का योग। यात्राओं का अधिकता रहेगी। किसी धार्मिक आयोजन में शिरकत करेंगे। मित्रवर्ग में कुछ वातावरण दूषित होगा। उच्चाधिकारियों की अनुकम्पा होगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य के कारण चिंतित रहेंगे। नवम्बर माह की 6, 8, 16 एवम 28 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान जी की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का नित्य 1 माला जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

कर्क (Cancer) ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो ।
इस माह भाग्योदयकारी घटनायें घटित होंगी। व्यावसायिक मामलों में कार्य को गति मिलेगी। पराक्रम में कमी रहेगी। शत्रु पक्ष से परेशानियाँ होंगी। मासांत में लाभ की मात्रा बढ़ जायेगी। व्यय की अधिकता के बावजूद धन की कमी नही रहेगी। छोटी यात्राओं का आधिक्य होगा। भूमि-भवन संबंधी योजनायें बनेंगी। अत्यधिक श्रम उपरांत भी वांछित सफलता में अपेक्षानुसार कमी ही महसूस होगी। आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा किंतु अन्य लोगो के कारण अस्तपताल के चक्कर काटने होंगे। नवम्बर मास की 3, 4, 11, 17 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ शं शनेश्चराय नम:  का नित्य 1 माला जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

सिंह (Leo) मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे ।
इस माह सामाजिक एवं राजनैतिक कार्यो में सफलता मिलेगी। एक प्रकार से यह माह विशेष घटनाक्रम देने वाला हैं। अनावश्यक वाद-विवाद पद प्रतिष्ठा को प्रभावित करेगा। जल्दबाजी से किये गये कार्यो में प्रतिकूल स्तिथियाँ दिखेंगी। मित्रवर्ग से अपेक्षित सहयोग नही मिल पायेगा। मासांत में किसी अशुभ समाचार की प्राप्ति होगी। विधार्थियो को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिलेगी। कुल मिलाकर हम इसे इच्छापूर्ति का माह भी कह सकते हैं। धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होंगे। जीवन साथी के स्वास्थ्य के कारण चिंतित रहेंगे। नवम्बर माह की 18, 27, 29 एवं 30 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवं ''ऊँ गं गणपतये नम: का नित्य 1 माला जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

कन्या (Virgo) टो, पा, पी,पू, , , , पे, पो।
इस माह व्यावसायिक मामलो में मन माफिक लाभ नही मिल पायेगा। धन की कमी बनी रहेगी। माता के स्वास्थ्य  के कारण चिंतित रहेंगे। मास में कर्इ बार विवादास्पद स्तिथियाँ आयेंगी। स्थान परिवर्तन भी संभव। भूमि-भवन संबंधी विवाद होगा। प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिलेगी। यदि आप बेरोजगार हैं तो रोजगार के अवसर सृजित होंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में आप कोर्इ बड़ा निर्णय भी लेंगे। जनसंपर्क बढ़ेगा। सामाजिक दृष्टि से मान सम्मान की प्रापित होगी। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से समय कमजोर है। त्वचा संबंधी रोग, एलर्जी एवं पाचन तंत्र संबंधी विकार कष्टकारक होंगे। नवम्बर माह की 7, 15, 23 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान जी की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें।

तुला (Libra) रा, री, रू, रे, ता, ती, तू, ते ।
इस माह विधार्थियो हेतु लाभप्रद रहेगा। इस माह स्थायी सम्पत्ति में वृद्धि होगी। मन में अशांति रहेगी। कानूनी विवादों में पड़ेंगे। भाग दौड़ की अधिकता होगी। व्यवसाय क्षेत्र में आप अच्छे निर्णय लेंगे जो कि भविष्य में लाभप्रद सिद्ध होंगे। साझा व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। यदि आप बेरोजगार हैं तो रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आपकी लोकप्रियता का भी समय है। मासांत में आय के नये स्त्रोत बनेंगे। संतान के स्वास्थ्य के कारण चिंतित रहेंगे। वरिष्ठ लोगो का सहयोग मिलेगा। खान-पान के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होगा। नवम्बर माह की 3, 10, 12, 22 एवम 29 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ शं शनेश्चराय नम: का नित्य जप करें।

वृश्चिक (Scorpio) तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू ।
यह माह अत्यधिक भाग दौड़ भरा रहेगा। घटना प्रधान सूचनाओ का आवागमन होगा। कार्य क्षेत्र में रुकावट आयेंगी। व्यर्थ की परेशानियों झंझटो से रुबरू होना पड़ेगा। अध्ययन-अध्यापन में बाधायें। माता-पिता के स्वास्थ्य के कारण चिंतित रहेंगे। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। पारिवारिक वाद-विवाद की स्तिथियाँ उत्पन्न होंगी। यदि आप नौकरी करते हैं तो उच्चाधिकारियों की अनुकम्पा होगी। मासांत में अपेक्षा से अधिक सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी से संबंध मधुर रहेंगे। छोटी यात्राओं की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य सामान्यत: ठीक रहेगा। कमर दर्द, शीत प्रकृति के रोग परेशान करेंगे। नवम्बर माह की 9, 17, 19 एवम 27 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ शं शनेश्चराय नम: का नित्य जप करें।

धनु ( Sagittarius) ये, यो, , भी, भू, धा, फा, ढा, भे ।
इस माह व्यावसायिक कार्य में वृद्धि एंव लाभ होगा। मित्रो का वांछित सहयोग मिलेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। लाभदायक योजनाओं का क्रियान्वन होगा। राजकीय कार्यो  में सफलता मिलेगी। वाद-विवाद की स्तिथियाँ आयेंगी। कोर्ट कचहरी के मामलो में विजय मिलेगी। व्यावसायिक उन्नति हेतु आप विशेष कार्य योजना पर कार्य करेंगे जो कि सफल भी होंगी। ऋण लेने की नौबत आयेगी। पारिवारिक कलह के कारण कार्य व्यवसाय प्रभावित होगा। साझेदारी में कार्य नही करें। कुल मिलाकर मास पर्यत्न अच्छी आमद होगी। रक्तचाप, शिर:शूल एवम शीत प्रकृति के रोगो के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होगा। नवम्बर माह की 3, 5, 14, 21 एवम 30 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप सूर्य की अराधना करें एवम ''ऊँ घृणि: सूर्याय नम: का नित्य जप करें।

मकर (Capricorn) भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी ।
यह माह घरेलू समस्याये एवम स्वजनो से विवाद लेकर आयेगा। धार्मिक कार्यो में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। किसी पारिवारिक संपत्ति पर विवाद की स्तिथियाँ आयेंगी। राजकीय कार्यो में सफलता मिलेगी। यह माह विशेष गतिविधियों का सिद्ध होगा। ऋण प्रबंधन की आवश्यकता पड़ेगी। शत्रु पक्ष से हानि होगीं। कार्य क्षेत्र में परिवर्तन संभव। व्यावसायिक दृष्टि से कठिनाइयाँ झेलनी पड़गी। साझेदारी कार्यो में हानि होगी। उत्तरार्द्ध में मासांत पर्यत्न आपकी ख्याति बढ़ती जायेगी। मांगलिक कार्य में समिमलित होंगे। रक्त, कफ विकार से शरीर प्रभावित होगा। नवम्बर माह की 10, 12, 20 एवं 24 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवं ''ऊँ गं गणपतये नम: का जप करें।

कुंभ ( Aquarius) गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा ।
इस माह वांछित सफलता हेतु अपेक्षाकृत अधिक श्रम करना होगा। मित्रवर्ग से किसी कार्य में धोखा होगा। यदि अविवाहित है तो विवाह के योग बनेंगे। वरिष्ठ जनों का सहयोग मिलेगा। कार्य क्षेत्र में व्यर्थ वाद-विवाद की स्तिथियाँ आयेंगी। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। शत्रु पक्ष चाहकर भी कुछ नही बिगाड़ सकेगा। पूर्वार्द्ध जहाँ उथल-पुथल में निकलेगा वहीं उत्तरार्द्ध में समाधान भी मिलेगा। कारोबार में लाभ होगा। साझेदारी कार्यो से लाभ होगा। यदि आप नौकरी करते है तो वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्यत: ठीक रहेगा। रक्तचाप से संबंधित परेशानी है तो बढ़ सकती हैं। नवम्बर माह की 4, 6, 16 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान जी की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें।

मीन (Pisces) दी, दू, , , दे, दो, चा, ची ।
यह माह  स्वास्थ्य की दृष्टि से कष्टप्रद रहेगा। समाज में मान सम्मान एवम पद प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। नवीन मित्रों का आगमन होगा। धन की आवक बढ़ेगी। उदर पीड़ा से सावधान रहना चाहिए। कार्य क्षेत्र में परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा। कोर्इ नया कार्य प्रारम्भ करने की सोचेंगे। राजनीतिक वर्चस्व बढ़ेगा। धार्मिक कार्यो में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। विदेश यात्रा का योग। न्यायालयी कार्य में विजय मिलेगी। साझेदारी कार्यो से सावधान रहें। लेन-देन के कारण कोर्इ विवाद हो सकता है। खान पान की अनियमियता के कारण पाचन संस्थान, उदर विकार संबंधी समस्यायें आयेंगी। नवम्बर माह की 1, 3, 13, 21 एवम 23 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत' सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शिव की अराधना करें एवम ''ऊँ नम: शिवाय का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

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प0  उमेश चन्द्र पन्त ज्योतिषाचार्य,
Celebrity Astrologer: astroyogi, ganeshaspeaks
Phone: +91-11-26496501
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Sunday, 5 May 2013

पंडित उमेश चन्द्र पन्त एक संक्षिप्त परिचय





पंडित उमेश चन्द्र पन्त एक संक्षिप्त परिचय:   Contact Now!

विश्वविख्यात ज्योतिष पं. उमेश चन्द्र पन्त का जन्म 06 मई 1970 को गुजरात प्रांत के भुज क्षेत्र में हुआ। पंडित जी मूलत: उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ (थल) लेजम पंत (पैतृक गाँव) के निवासी हैं। पिताजी भारतीय सेना में कार्यरत थे। बचपन से ही ज्योतिष में अत्यंत रुचि थी। वर्ष 1988 मे सर्वप्रथम कादिम्बिनी हिंदी जगत की सर्वश्रेष्ठ पत्रिका के माध्यम से ज्योतिष के प्रति रुझान बढता ही गया | क्यूंकि तब कादम्बिनी मे तंत्र मंत्र एवं ज्योतिष विशेषांक निरंतर आया करते थे | पंडित जी अपने जानने वालों की जन्मपत्रिका पकड़कर बैठ जाते एवम उपाय बताते जिससे लोगो को चमत्कारिक लाभ होने लगा। शिक्षा प्राप्त करने उपरांत इन्होंने निजी संस्था में कार्य किया एवम धीरे-धीरे वर्ष 2000 से अधिकाशं समय ज्योतिष को दिया। बीच में इन्होंने अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ (रजि.) से ज्योतिष की सम्पूर्ण पढ़ार्इ भी की। खुद के कर्इ वर्षो का अध्ययन, स्वाध्याय व साथ में अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ में ज्योतिष की पढ़ार्इ ने ज्योतिष कार्य में सोने में सुहागे का कार्य किया। वर्तमान में पंडित जी कर्इ विश्वस्तरीय पोर्टल, पत्र पत्रिकाओं से जुड़े हुए है एवम ज्योतिष के माध्यम से पूर्ण विनम्रता पूर्वक वांछित सेवा कर रहे हैं।

क्षमता:

जन्मपत्री को देखकर भविष्यवाणी, जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्र जैसे कैरियर, व्यवसाय, पैसा, प्रेम, शिक्षण, संपत्ति, व्यक्तिगत बातें, शत्रु, विवाह, कुंडली मिलाप, भागीदारी, सेहत, मुहूर्त, वास्तु टिप्स, वास्तु दोष से जुडी समस्याओं का निवारण।

उपलब्धियां:

ज्योतिष, अध्यात्म और संबद्ध विज्ञान में एक विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी | इन क्षेत्रों में निपुणता व ज्ञान से पिछले 13 वर्षों से हजारों संपर्क मे आने वालो को मदद मिली हैं | लोगों की सेवा और उनके जीवन को बेहतर बनाने में योगदान के लिए ज्योतिष रत्न, ज्योतिष भूषण, ज्योतिष प्रभाकर, ज्योतिष शास्त्राचार्य, ज्योतिष ऋषि जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया हैं | कैरियर, व्यवसाय, पैसा, प्यार, शिक्षा, संपत्ति, शादी, पति पत्नी, साझेदारी, किस्मत, व्यक्तिगत मामलों, स्थानांतरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, वास्तु, मुहुर्त आदि जीवन के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हजारों की संख्या में कुंडलियों का अध्ययन किया हैं और मार्गदर्शन और उपचार प्रदान किया हैं | जिससे कि संपर्क मे आने वाले लोग एक स्वस्थ, धनी और सुखी जीवन जी रहें हैं और उनका जीवन बदल गया हैं | सबसे अच्छे मार्गदर्शन और अचूक उपाय के लिए निश्चित आश्वासन देते है | स्थानीय पत्रिकाओं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों के लिए पिछले 2 वर्षों से पूर्वानुमान दे रहे है  और कई अंतरराष्ट्रीय अग्रणी ज्योतिष वेबसाइटों और अन्य पोर्टलों के लिए ज्योतिष के विभिन्न लेख लिखा हैं |

पारिवारिक परिदृश्य:

कुलीन ब्राह्मण परिवार से है और ज्योतिष सलाह पिछले 13 सालो से लोगों को दे रहे है और इस अवधि में हजारों कुण्डलियों का अध्ययन किया हैं | 25 वर्षो से ज्योतिष के अध्यन-अध्यापन कार्य से जुड़े है | आध्यात्मिकता और ज्योतिषिय ज्ञान और शक्ति गुरु और ईष्ट कुलदेवी माता जगदम्बे मां की कृपा से प्राप्त हुई हैं | भविष्यकथन के ज्योतिषीय मूल पद पर प्रारंभिक शोध किया हैं | इस 25 वर्षो की अवधि में विभिन्न ज्योतिषीय पुस्तकों का अध्ययन और कई हजारो चार्ट का भी अध्ययन किया हैं | संपर्क मे आने वालो  में भारतीय, एनआरआई और विदेशी हैं, जो संतुष्ट हैं | हमेशा नए पाठ्यक्रम, सेमिनार और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमीत रुप से शामिल होते है |

अनुभव:

13 वर्ष (ज्योतिष सलाह देने का)

निपुणता:

ज्योतिष के बारे में विशाल ज्ञान होने के बावजूद, अभी भी इस क्षेत्र में अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में विश्वास रखते है, अत: हमेशा नए पाठ्यक्रम, सेमिनार और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होते है | टेलिफ़ोन द्वारा एवं ईमेल या चैटिंग के माध्यम से भी ज्योतिषीय परामर्श देते है | विशेषज्ञता कुंडली पढ़ने में हैं, कैरियर, व्यवसाय, पैसा, प्यार, शिक्षा, संपत्ति, व्यक्तिगत मामलों, स्थानांतरण, शत्रु, शादी, भागीदारी, स्वास्थ्य, जीवन पढ़ाई, मुहुर्त, वास्तु आदि जीवन के विभिन्न मुद्दों पर उपचारात्मक उपाय प्रदान किये हैं जिससे इनके संपर्क मे आने वाले एक स्वस्थ, धनी और सुखी जीवन का उपभोग कर रहे हैं | इनके बताये गए उपायों ने संपर्क मे आने वाले लोगो का जीवन को बदल दिया हैं | वैदिक ज्योतिष के आधार पर सटीक भविष्यवाणी करने में निपुण है | समग्र दृष्टिकोण के साथ जन्म कुंडली का विश्लेषण करते हैं एवं यह सुनिश्चित करते है कि भविष्यवाणी को सही और सरल भाषा में दिया जाए | अपनी कुलदेवी ईष्ट जगदम्बे माता के परम भक्त है | समस्याओं के समाधान के लिए वैदिक पूजा उपचार विधि पर विश्वास करते है |

रुचियां:

कुंडली का पूर्वानुमान, ज्योतिषीय किताबें पढ़ना, ज्योतिष लेख लिखना, मासिक पूर्वानुमान, साप्ताहिक पूर्वानुमान लेखन, लोगो को सलाह देना, ज्योतिष परामर्श के माध्यम से लोगो की मदद करना, सटीक ज्योतिषीय उपाय, अपने ईष्ट की दैनिक पूजा, धार्मिक गीत, धार्मिक पुस्तकें पढ़ना और ज्यादा से ज्यादा लोगो की मदद करना |

ज्योतिष को करियर बनाने का कारण:

कुलीन ब्राह्मण परिवार से संबंधित है एवं बचपन से ही ज्योतिष में गहरी रुचि हैं | भगवान (कुलदेवी जगदम्बे माता) में विश्वास करते है | क्योंकि जो ज्योतिष में विश्वास करते हैं, ज्योतिषीय उपचार उनका जीवन बदल सकता है एवम् स्वस्थ, धनी और सुखी जीवन जी सकते हैं | अपने सबसे अच्छे मार्गदर्शन और सही उपाय का आश्वासन देते है |

Contact information Pt. Umesh Chandra Pant
Website: www.pavitrajyotish.com , Email: pavitrajyotish@gmail.com , Phone: +91-11-26496501  

Wednesday, 3 October 2012

Monthly Forecast October 2012


मासिक राशिफल माह अक्टुबर 2012 – प. उमेश चन्द्र पन्त – ज्योतिषाचार्य
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  मेष (Aries) चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ।
इस माह काम का बोझ बढेगा, जिस कारण दिन चर्या अत्यंत प्रभावित होगी।   पूर्ववत सम्पर्को से अच्छा लाभ होगा, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे।  यदि आप नवीन कार्य प्रारम्भ करना चाह रहे हैं तो मित्रवर्ग से मदद मिलेगी।  भ्रमित होने से बचना चाहिए।  उच्च वर्ग के सम्पर्क में आयेगे।  कार्य व्यवसाय को गति मिलेगी।  श्रेष्ठ सृजन की स्थितियां आयेगी।  अत्यधिक परिश्रम के कारण, अन्य कार्यो में अकारण विलम्ब होगा।  ईश्वर अराधना में तल्लीन रहेंगे।  व्यवसाय के क्रम में आय अपनी कार्यशैली में वृहद परिवर्तन करेगे।  आपके सहायतार्थ कई लोग आगे आयेंगे, भागीदारी पर सोच समझकर ही निर्णय लें।  गृह क्लेश की स्थितियां भी आयेंगी।  इस माह आप कोई नया व्यावसायिक अनुबंध भी करेगें।  अत्यधिक परिश्रम के कारण शारीरिक थकान, उदर विकार एवं यदा कदा मानसिक तनाव भी होगा। पैतृक सम्पति पर आंच आ सकती है।  अक्टूबर माह की 2, 10, 14 एवं 23 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं।  अतः सावधान रहना चाहिए, आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का जप करें।  शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

2 वृषभ (Taurus): उ, इ, ऐ, ओ, बा, बी, बे, बो।
इस मास आप कुछ कष्ट में रहेंगे।  कुछ समय तक मानसिक परेशानियां होंगी, स्वास्थ्य सम्बंधी गिरावट भी देखने को मिलेगी। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। अत्यधिक भागदौड़ भी होगी। किसी स्त्री के कारण मन उदास एवं असंतोष रहेगा, परिवर्तन का उत्तम समय प्रारम्भ हो रहा है, बहुत अधिक श्रम कर परिस्थितियों को अनुकूल बनाने का प्रयास करेंगे। प्राप्त अवसरो का पूरा लाभ उठा पाने में समर्थ नहीं होंगे। किसी खास परिस्थिति के कारण कही गयी बात से नजदीकी व्यक्ति आपसे नाता तोड़ सकता है स्त्री वर्ग से लाभ भी होगा, साझेदारी सम्बन्धी प्रस्ताव आयेंगे जिन्हे आप सिरे से नकार देगे। वैक्टीरिया सम्बन्धी बिमारी के कारण परेशान हो सकते हैं। सामान्यतः स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आर्थिक संकट की विकट स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, पारिवारिक तनाव से भी परेशान रहेगे। दैनिक अनियमितता के कारण उदर विकार, डायरिया आदि भी परेशान करेगे। अक्टूबर माह की 6, 14, 23 एवं 29 तारीखें नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए, आप नित्य लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा करें एवम् ‘‘ऊँ श्री नमः’’ व ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

3 मिथुन (Gemini): क, की, कू, घ, ड, छ, के, को, हा।
इस माह में आप व्यर्थ के झमेलों व प्रपंचों से बचें। स्वास्थ्य का आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए। यात्रा का योग किसी समाचार के कारण चिंता उत्पन्न होगी। अचानक ही लम्बी यात्रा का योग बनेगा। स्त्री से ली गयी सलाह कारगर सिद्ध होगी। आपकी लोकप्रियता बढ़ने का भी वांछित समय है। कार्य व्यवसाय में महत्वपूर्ण परिवर्तन का मन बनेगा। आपको विभिन्न प्रकार के षडयंत्रों में उलझने का भी भय है, आपको मानसिक रुप से तैयार रहना चाहिए। श्रम साध्य अनुरुप आर्थिक लाभ नही होगा किन्तु आपको उसी में संतुष्ट होना पड़ेगा। इस मास में शुभ घटनाएं भी आयेगी एवम् कुछ मित्र आपकी मदद हेतु आगे आयेंगे। संतान से सुखद समाचार मिलेगा। जीवन साथी से मनमुटाव की स्थितियां आयेगी। स्वास्थ्य भी नरम रहेगा। लापरवाही से बचें। अक्टूबर माह की 3, 13, 24 एवम् 29 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का नित्य जप करें। हितकर होगा। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।
4 कर्क (Cancer): ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो।
इस मास स्वास्थ्य की गड़बड़ी आपको परेशान करेगी। पैतृक जमीन-जायदाद से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति तनावपूर्ण रहेगी। संतान संबंधी चिंता परेशान करेंगी, चोर भय सम्भव। उत्तरार्द्ध में आप अपनी कार्य प्रणाली में आवश्यक संशोधन करेगे। माता की चिंता रहेंगी। आपका अपने मित्र वर्ग में अलग-थलग पडना सम्भव, पारिवारिक वातावरण दूषित होने की सम्भावना, जिसका प्रभाव कार्य व्यवसाय पर दिखेगा। कार्य व्यवसाय में आप नए अनुबंध एवम् नये सम्बंध भी जोड़ने की चेष्टा करेंगे। आप से अधिक व्यय होगा। जीवन साथी की नाराजगी झेलनी पड़ेगी, मासांत में सभी परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके माफिक हो जाएगी। घर परिवार के लोगों की उपेक्षा करना भविष्य में कष्टप्रद होगा, अतः सोच समझकर ही निर्णय लें। पिछली परेशानीयों से निजात पाने हेतु आपका संकल्प उच्चकोटि का होगा जिससे सफलता भी आपके चरण छूयेगी। अक्टूबर माह की 6,18,24 एवम् 31 तारीखें नेष्टफलदायक है अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शिवजी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमः शिवाय ’’ का नित्य जाप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

 5 सिंह (Leo): मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे।
इस माह धन खर्च की अधिकता रहेगी। विगत माह की अपेक्षा ग्रह स्थितियां अनुकूल होगीं। कोर्ट कचहरी का चक्कर काटना पड़ सकता है। भूमि भवन संबंधी विवाद उत्पन्न होगा। आजीविका क्षेत्र में परिवर्तन आयेगा। गंभीर व्यवसायिक चिंतन में रहेंगे। आपके प्रभाव में वृद्धि होगी, स्थान परिवर्तन भी संभव, आर्थिक दबाव की अधिकता रहेगी। नवीन आय श्रोत्र में बाधायें आयेंगी फिजूल खर्ची देखा देखी में बढ़ेगी, आंशिक लाभ भी होगा। उत्तरार्द्ध अपेक्षाकृत अनुकूल जायेगा। अंतिम सप्ताह में थोड़ा-थोड़ा और सुधार दिखेगा। ऋण लेने की स्थितियां भी आयेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह माह अच्छा नही कहा जा सकता है। अंग-भंग या चोट आदि का खतरा संभव, वस्तुस्थितियों के कारण आप चिंतित रहने लगेंगे। आपको सावधानी बरतनी चाहिए। जाने अनजाने कुछ गलती हो सकती है। अक्टूबर माह की 1,6,12,23 एवं 27 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य लक्ष्मी-गणेश की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ श्री नमः’’ व ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।
6 कन्या (Virgo): टो, पा, पू, ष, ण, ठ, पे, पी।
इस माह रोजगार प्राप्ति व स्थान परिवर्तन का प्रबल सयोंग उत्पन्न हो रहा हैं। अनजाने लोगों पर विश्वास करना घातक सिद्ध होगा। वाहन,भूमि आदि क्रय का प्रबल योग। हलचल में वृद्धि रहेगी। कार्यक्षेत्र में विस्तार होगा व बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। भूमि व भवन का लाभ होगा। कार्य करने का ढंग बदलने से व्यवसाय में वांछित उन्नति होगी। कार्य व्यवसाय में ख्याति भी अर्जित करेंगे। तकनीकी कौशल उभरेगा। भागीदारी कार्य भी लाभदायक रहेगा। नये व्यवसायिक संबंध जुड़ेगे। परिवार व समाज में वर्चस्व वृद्धि होगी। कठोर श्रम कर परिस्थितियों को अपने माफिक करने में पूर्ण सफल होंगे। उत्तरार्द्ध में किसी भ्रामक स्थिति या धोखा हो सकता है, जिस कारण अत्यंत क्रोधी होने का भय, दैवीय कृपा से भ्रामक स्थितियों का शमन होगा। स्वास्थ्य की स्थिति कष्ट जनक रहेगी। उदर विकार परेशान करेंगा। खानपान का ध्यान रखें। अक्टूबर माह की 3,8,19,24 एवं 29 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का नित्य जप करें। हितकर होगा। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।

 7  तुला (Libra): रा, री, रू, रे, ता, ती, तू, ते।
इस माह अत्यधिक भागदौड़ की परिस्थितियां उत्पन्न होंगी।  परिश्रम ज्यादा किंतु फल कम की स्थिति आयेगी। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। संतान की तरफ से सुखद समाचार मिलेगा।  राजकीय कार्यों में लाभ होगा। प्रथमार्द्ध से ही परिवर्तन दिखने लगेगे। बार बार यात्राओं के कारण फिजूल खर्ची बढ़ जायेगी, जिस कारण अपना बजट संतुलित करना कठिन पड़ जायेगा।  अत्यधिक व्यय के कारण मानसिक तनाव भी होगा।  उदारता के कारण हानि उठानी पड़ेगी।  उत्तरार्द्ध की भूमिका केवल आय पर निंयत्रित रहेगी। माह में किया गया पुरुषार्थ आने वाले समय में महत्वपूर्ण पविवर्तन देगा।  ऋण लेने की कोशिश करेंगे किन्तु प्राप्त नही हो पायेगा। साझेदारी के कार्य न करें तो आपके लिय हितकर होगा, मानसिक रुप से यदा कदा तनाव, स्वास्थ्य नरम रहेगा। पित्त विकार, स्वास पीड़ा व शारीरिक पीड़ा सम्भव।  पारिवारिक कलह से बचना चाहिए।  अक्टूबर माह की 10,21,24 एवं 30 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए।  आप शनि की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ शं शंन्नैश्चराय नमः ’’ का नित्य जप करें। हितकर होगा। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।

8 वृश्चिक (Scorpio): तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू।
इस माह में घरेलू बाधाओं के कारण कार्य व्यवधान होगा। अपने ही नजदीकीयों में परायेपन का अहसास होगा। अकस्मात यात्राओं से परेशानी होगी। संतान से विवाद की स्थिति होगी। पूर्वाद्ध में जहां लाभ अच्छें होगे वहीं उत्तरार्द्ध में परिस्थितियां में बड़ा बदलाव दिखेगा। व्यावसायिक स्थितियां प्रतिकूल रहेंगी। माता पिता से वांछित आर्थिक एवं नैतिक सहयोग मिलेगा। आर्थिक परेशानियां होंगी, किन्तु नियंत्रण में रहेगी। व्यवसायिक यात्राएं काफी होगी जो  आर्थिक उन्नति में सहायक होंगी। कार्य व्यवसाय में यदि आप परिवर्तन करते है तो कार्य का विस्तार भी होगा एवं विकास भी। स्वास्थ्य पीड़ा भी रहेगी, कमर का दर्द, पेट का दर्द कष्टप्रद होगा। आप आत्मविश्वास से लबालब रहेंगे, जो कि दूसरे के लिए भी प्रेरणा श्रोत रहेगा। दवाइयों का प्रयोग बढ़ेगा। माता पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। स्त्री का सहयोग उन्नति में सहायक होगा। अक्टूबर माह की 7,17,24,28 एवं 29 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शिवजी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमः शिवाय ’’ का नित्य जाप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

9 धनु (Sagittarius): ये, यो, भ, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
इस माह दामपत्य जीवन में कुछ अनबन का योग बन रहा है। रचनात्मक एवं साहित्यिक गतिविधियां बढ़ेगी। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। किसी स्त्री से विवाद हो सकता है। यदि नौकरी करते है तो बेवजह उच्चाधिकारी के कोपभाजन का शिकार होना पडेगा। सावधानी पूर्वक कार्य पर ध्यान दें। मित्रजन आपकी मदद हेतु आगे आयेगे। प्रथमार्द्ध में जहां जीवन घटना प्रधान रहेगा वही उत्तरार्द्ध में आपकी आय के श्रोत बढ़ेगे व परिस्थितियां अनुकूल होंगी। राजकीय कार्यों में सहयोग मिलेगा। किसी परिचित व्यक्ति द्वारा षडयंत्र किया जा सकता हैं। फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहिए। बनावटी आचरण से दूर रहें। तेज गति से धन प्राप्ति की आंकाक्षा मन में जगेगी जो कि फलीभूत भी होगी। यदि आप अविवाहित है तो विवाह संबंधी बातें आगे बढ़ेगी। धार्मिक संस्थानों से सम्पर्क होगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आएगी, विषाक्त भोजन, उदर विकार से बचें। अक्टूबर माह की 2,13,19 एवं 25 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य गणेश जी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

10 मकर (Capricorn): भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, ग, गी
इस माह स्थान परिवर्तन या नौकरी में तबादला होगा। कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ेगे, किसी पुराने विवाद में कोर्ट में विजय हासिल होगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। वाहनादि चलाते समय सावधानी रखे। दूरस्थ स्थान की यात्रा संभव। भाग्यावरोध का सामना करना पड़ेगा। नवीन योजनाओं पर अन्वेषण कर क्रियान्वन होगा, जो कि लाभदायक भी रहेगी। लाभदायक स्थितियों के बाद भी मन में निराशा बनी रहेगी। व्यक्तिगत जीवन में भी परेशानियां कम होने का नाम नही ले रही है। माता के स्वास्थ्य के प्रति चिन्तित रहेंगे। स्वास्थ्य नरम रहेगा, ज्वर आदि के प्रकोप में रहेंगे। जीवन साथी को भी आंशिक अस्वस्थता होगी। कार्य की व्यवस्तता के कारण घर परिवार के सदस्य आपसे दूर रहेगे। पूजा पाठ पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि निराशा का प्रवेश अनाधिकृत किया जा सके।  अक्टूबर माह की 1,6,13,27 एवम् 29 तारीखें नेष्टफलदायक है अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शिवजी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमः शिवाय ’’ का नित्य जाप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

11 कुंभ (Aquarius): गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
इस माह में परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपका हौसला देखने लायक होगा।  राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।  भूमि-भवन से धन की प्राप्ति होगी। कोर्ट कचहरी में हार का सामना करना पडेगा। जीवन साथी द्वारा दी गई सलाह /राय के अनुरुप कार्य करने पर लाभ की स्थितियां आयेंगी।  आध्यात्म में रूचि बढ़ेगी। व्यावसायिक कार्यों में सफलता मिलेगी।  अत्यधिक श्रम साध्य उपरांत भी श्रमानुरुप लाभ अर्जित नही हो पायेगा।  प्रथमार्द्ध व उत्तरार्द्ध जहां उत्तम जाएगा वही मासांत में कुछ कठिनाइयों का दौर चल सकता हैं। अपने वास्तविक कार्य से हटकर आप कुछ अलग करेंगे जो कि लाभदायक सिद्ध होगा। यदि कार्य प्रणाली में वांछित सुधार किया जा स्थितियां लाभप्रद होगी। कुछ नया सीखने एवम् करने हेतु तत्पर रहेंगे। आप कोई विशेष प्रशिक्षण भी हासिल करेंगे। माता से अनावश्यक वार्तालाप हो सकता है। अतः सावधान रहना चाहिए। अक्टूबर माह की 4,12,19 एवं 27 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का नित्य जप करें। हितकर होगा। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।

12 मीन (Pisces): दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
इस माह स्थान परिवर्तन, तीर्थाटन की स्थितियां आएगी। धन हानि हो सकती हैं। किसी कारण वश समाज में अवहेलना हो सकती है, सोच समझकर कार्य करें। किसी प्रकार का लांछन भी लग सकता है। भूमि संबंधी कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है। जहां शुरु में कुछ चिंताओं का आगमन होगा वहीं उत्तरार्द्ध में प्रस्थान भी हो जाएगा। आर्थिक प्रयास जारी रखें। पारावारिक सामंजस्य की कमी के कारण बिना वजह अशांति, कलह उत्पन्न हो सकता हैं। संबंधों में कमी न आने दें। आपसी समझ बूझ से कार्य लेना चाहिए। एक गलत निर्णय आपको बड़ी परेशानी में डाल सकता है। मासांत में अचानक धन प्राप्ति योग व पारिवारिक वातावरण भी सौहार्दपूण होने लगेगा। आय में वृद्धि से मन प्रसन्नचित्त रहेगा। स्वास्थ्य में कमी रहेगी। मानसिक तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, इंफैक्शन वाले रोग परेशान करेगे। जोड़ो का दर्द भी मासांत में प्रभावित करेगा। जीवन साथी से संबंध प्रारम्भिक उठा पटक के बाद, सुखद रहेंगे। अक्टूबर माह की 8, 10,,24 एवं 28 तारीखें नेष्ट फलदायक है। अतः सावधान रहना चाहिए। आप शनि की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ शं शंन्नैश्चराय नमः ’’ का नित्य जप करें। हितकर होगा। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।

 प0  उमेश चन्द्र पन्त – ज्योतिषाचार्य,
 
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